Akhaneakhsneप
पग पेह्चोने पगरखि नयन पेह्चोने नेह
सुरत पेह्चोने सहिबो ने मोर पेह्चॊने मेह
बरह कोस सु बोलि पलटे बन्फ़ल पलटे पाका
छत्तीस बरस सु पलटे जवानी लखन न पलटे लाखा
ज्यांरा पड़्या स्वभाव जासी जीव सूं
नीम ना मीठा होय सींचो गुड़ घी सू
अखा ने
सांप रो कई मोटो ने कई छोटो
हिलायो सू साग जाय ,लडायो सू पूत जाय
क्रोध सू तपस्या जाय पाप जाय गंग सू
बाहर जवाई फूल बराबर ,गॉव जवाई आधा
घर जवाई गधे बराबर ,जब चाहो जब लादा
का ले री पूँछ माते पग देवणो
जननी जणे तौ भागवता ना शूरा ना पङिता
मीठो बोले मोरियो ने आखे ने गटकाय
Pag pahchone pagrakhi ne Nayan pehchone neh?
तेल बले बाती बाले ने नाम दीये रो होय