Sunday, April 1, 2018

Wheat dalia

       Wheat Dalia is a common breakfast in northern India .RegularWheat Dalia takes time to get cooked but now a days smaller pieces of this is available in Indian stores which gets easily cooked in less than ten minutes.Best part of this dish is one can add vegetables of your choice.




                                                                 



Ingredients required
 1 cup wheat Dalia
2 tabspoon oil
1/2 teaspoon mustard seeds
A pinch of hing (asoefatieda)
1/4 teaspoon of turmeric powder
1/2 teaspoon of red chilli powder
1/2 teaspoon of Garamond masala
Vegetables



1/2 cup finely chopped cauliflower
1/2 cup finely chopped tomatoes
1/2 cup fresh green peas
1/2 cup potatoes (diced in small pieces)
2 table spoon finely chopped green coriander,ginger,green chillies

In a thick bottom or non stick pan put oil and when it gets heated then add hing and mustard seeds .When it starts crackling then pour Dalia and start stirring till it gets roasted .After five minutes add turmeric and chilli powder stir and then add all vegetables.Stir well and add 2and half cup water .
Let it cook for next five minutes till Dalia and vegetables tender.Turn off the burner and add Garam masala ,coriander,chillies,and ginger.Stir and it is ready to serve after putting some butter or ghee over it.

Tips.     Vegetables should be chopped finely .
           
             Calorie conscious can avoid butter or ghee.

Friday, March 2, 2018

Samay aur rishte

                                               समय और रिश्ते



         जी हाँ समय और रिश्तों का गहरा रिश्ता हे। यह वाक्य शायद पहली नज़र में कुछ अटपटा सा लगेगा लेकिन यह
सच्चाई हे। इंसान इस दुनिया में कुछ रिश्तों के साथ ही प्रवेश करता हे। जो कि खून के रिश्ते यानि कि परिवार के सदस्य
एवं इन सदस्यों के मित्रगण। जैसे जैसे वह बड़ा होता हे अपने आस पास खेलने वालों से दोस्ती करता हे. पाठशाला एवं
कॉलेज में मित्र एवं गुरुजनो के सम्पर्क में आता हे। इनमे कुछ के साथ विशेष मित्रता हो जाती हे. रिश्ते बन जाते हे।
इन सभी रिश्तों को निभाना जरूरी हे. यह रिश्ते खेती की तरह होते हे। रिश्ते बनाना बीज बोने की तरह हे. लेकिन यदि इन रिश्तो की देखभाल नहीं की जाए तो रिश्ते यह मुरझा सकते हे। समय और प्रयत्न रिश्तों की खाद हे।

इसके लिए हमें हमारा समय देना अत्यंत आवशयक हे। इनके सुख दुःख में शामिल होना जरूरी हे।
जरूरत के समय मदद करने से रिश्तों में मजबूती आती हे।
शिक्षा समाप्त होने के बाद अपनी आजीविका के लिए कहीं जाना पड़ता हे। नयीजगह  नए लोग। नए पड़ोसी। दायरा बढ़ता हे रिश्तों का।
इसका यह अर्थ नहीं कि पुराने संबंधों को नज़रअंदाज़ कर दिया जाये। पुराने संबंधों से दूर आ जाते हे लेकिन फिर भी आज के युग में तकनिकी सहायता से दूरी पर विजय पा ली गयी हे। फ़ोन,ईमेल,एवं सोशल साइट्स के द्वारा हम संपर्क में रह सकते हे। जनम दिन ,शादी की सालगिरह आदि पर एक छोटा सा सन्देश ,या तरक्की के अवसर बधाई  का सन्देश भेज देने से रिश्ते मजबूत होते हे। और कम समय में संपर्क बना रहता हे।




ज़रा सोचिये जब हमें अपने जनम दिन पर कोई सन्देश मिलता हे तो हम अपने आप को कितना महत्वपूर्ण समझने लगते हे ,ख़ुशी होती हे।

इंटरनेट का जमाना हे। यदि किसी को सौगात भेजने का बजट हे तो उसकी भी सुविधा  हो गयी हे।
छोटा सा सन्देश ,छोटी सी सौगात ,थोड़ा सा समय और नतीजा ढेर सारे रिश्तेदार या कहे की शुभचिंतक।
जी हाँ शुभचिन्तक क्योंकि यदि आप इनकी प्रगति पर बधाई सन्देश भेजते हे तो ये भी शुभकामना करेंगे की आपके जीवन में भी ऐसे क्षण आये की ये अपनी ख़ुशी प्रकट कर सकें।
इसके अलावा यदि कोई कठिनाई में हे तो हर संभव उसकी मदद करने से भी संबंधों में प्रगाढ़ता आती हे।


आज से पचास साल पहले जिंदगी की गति इतनी तेज नहीं थी जितनी आज हे। इस धीमी गति को तेजी मिली हे फ़ोन एवं इंटरनेट से। जब २००१ में भूकंप गुजरात में आया तो उसकी सूचना भारत के दक्षिण प्रान्त के निवासियों को उनके अमेरिकाएवं विश्व के अनेक कोनो  में रहने वाले रिश्तेदारों से मिली।
और शीघ्र्र ही इन प्रवासियों ने अपने लोगों को सहायता पहुँचाने के प्रयत्न आरम्भ कर दिए।
इंटरनेट की वजह से.सम्पूर्ण  विश्व करीब आ गया है। इस तेज गति की जिंदगी में हम कम  समय और कम  प्रत्यनों से रिश्तों को
मजबूत बनाने में आधुनिक तकनीक का सहारा ले सकते हे।


शारीरिक रूप में न सही लेकिन भावनात्मक तौर  हम अपने मित्रों एवं रिश्तेदारों के सुख दुःख में इन सुविधाओं के माध्यम से अपनी उपस्थिति का एहसास दिला सकते हे।




Friday, February 9, 2018

romanchak rome

                                                     
                                                            रोमांच से भरपूर रोम


विद्यार्थी जीवन में जब स्कूल मेंभूगोल की कक्षा में  विश्व का ग्लोब देखते थे तो अचम्भा होता था की कैसे नक़्शे बनाने वाले सम्पूर्ण विश्व को एक स्फीयर में चित्रित कर देते है। फिर इतिहास में पढ़ते थे विभिन्न सभ्यताओं के बारे में जो की हजारों साल पहले विद्यमान थी। एशिया में हरप्पा एवं मोहनजोदड़ो की सभ्यता एवं  यूरोप में यूनानी सभ्यता। विभिन्न साम्राज्यों में रोमन साम्राज्य एवं इसकी विशालता के बारे में बहुत पढ़ाथा।  किसी भी विशालता का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल होता हे जब तक हम उसे देख नहीं लेते।
सौभाग्य से इस वर्ष अक्टूबर में रोम शहर जो की इटली में हे घूमने का अवसर मिला।हमने ब्रुसेल्स एयरपोर्ट से जो की बेल्जियम में हे रोम की फ्लाइट ली और डेढ़ घंटे में रोम
रोमन साम्राज्य की भव्यता  का अनुमान भी रोम देखने के बाद ही हुआ। आज से हजारों वर्ष पहले जो इम्मारते बनाई गयी उनकी स्थापत्य कला देख कर बहुत ही अचम्भा होता हे। is
इस शहर की स्थापना.  ईसा पूर्व ८०० वर्ष पुरानी बताई जाती हे। कहा जाता हे की पाश्चात्य सभ्यता का जनम यहीं
पर हुआ था।
वैसे तो रोम में अनगिनत दर्शनीय जगह हे। इन सभी को देखना तीन दिन में संभव नहीं था। फिर भी जिन जगह को देखा
देखते ही रह गयी।
फोरम जो कि किसी वक्त बहुत सारी गतिविधयों का केंद्र था आज कुछ मूर्तियों एवं उस समय के इमारतों के खंडहर के रूप में आज मौजूद हे।
यह बाज़ार ,सांस्कृतिक एवं राजनितिक गतिवधियों का स्थान था।





                                                          रोम शहर  का फोरम


यह पर ही जुलुस निकलना,खेल कूद प्रतियोगिता एवं न्यायिक प्रक्रिया होती थी। यह विश्व भर में सबसे अधिक
गतिविधि वाला केंद्र था।
रोम शहर कला एवं स्थापत्य का भण्डार सा हे. .छार सड़क या गली बहुत ही बड़े चौक में मिलती हे और वहां बड़े ऊंचे खम्भे नजर आते हे जिनके ऊपर नक्काशी  द्वारा विभिन्न भाषाओँ में कुछ लिखा हुआ होगा या फिर आकृतियों द्वारा विचार प्रकट किये हुए हे।


                                                                  फोरम में खड़ा स्तम्भ (नक्काशी वाला )

                                                           

                                              स्तम्भ पर की हुयी नक्काशी

 इन स्तम्भ की ऊंचाई को देख कर समझ में ही नै आता की कलाकार ने कैसे इतनी ऊंचाई पर अपनी कला बिखेरी होगी ?
वैटिकन म्यूजियम जो की वैटिकन सिटी के अंदर हे विश्व के उल्लेखनीय म्यूजियम में से एक हे और यहाँ आने वाले
पर्यटकों की संख्या भी अनगिनत हे।
यहाँ पर ७०,००० से भी अधिक कलाकृतियों का संग्रह हे जिसमे से २०,००० के करीब पर्यटकों के लिए राखी गयी हे।
इनमे पोप द्वारा एकत्रित किये गए भित्ति चित्र एवं उच्च कोटि की स्थापत्य कला की मूर्तियां हे। माईकल ऐंजेलो जो की चित्रकला एवं स्थापत्यकला दोनों में निपुण था के द्वारा बनाये गए कलाकृति का संग्रह हे.


ट्रेवी फाउंटेन जो की १८वी शताब्दी में  रोम के ट्रेवी तहसील में बनवाया गया था.पत्थऱ से तराशा गए यह फवारा देखते हे तो लगता हे की से निहारते ही रहे। रात्रि के समय तो इसमें और भी निखार आ जाता हे। यहाँ पर बहुत हॉलीवूड की फिल्मो की शूटिंग भी हो चुकी हे. मान्यता हे की यदि इसमें एक सिक्का फेका जाने पर यहाँ दुबारा आने का संयोग बनता हे. इस वजह से हर पर्यटक यहाँ सिक्का फेकते रहते हे और प्रशासन इन सिक्को को यहाँ से निकलत
पूरे विश्व में प्रसिद्ध पिज़्ज़ा एवम पास्ता इटली की ही देन है। और इसी कारण रोम के हर गली कूचे में पिज़्ज़ा एवम पास्ता की रेस्त्र  मिल जायेंगे। यहां पर शाकाहारी लोगो पर्यटकों को दिक्कत नहीं होती हे।
हर सड़क कुछ दूरी के बाद एक विशाल।  चौक में मिल जाती हे। इस तरह पूरे शहर में अनगिनत चौक हे
चौक के बीच में  या तो विशाल स्तम्भ या सूंदर कलाकृतियों से सुसज्जित फव्वारा है जो की जगह की खूबसूरती को निखारता है।
अनगिनत म्यूजियम भी हे यहाँ पर लेकिंन सभी को देखना कम समय में सम्भव नहीं हे।
यहाँ पर एक स्थान है जिसे स्पेनिश स्टेप्स कहते है। हर समय पर्याटकों की भीड़ लगी रहती है। बहुत ही सुन्दर
संरचना है।