Saturday, August 1, 2015

Sugar freer mewa burfi

                                                                                 


Too much sugar is not good for our health.Now a days many people are having diabetes and have to restrict sugar in their diet.But we have taste buds which makes it difficult to control eating sweets 




with  this recipe one can enjoy sweet taste without risk of increasing sugar level in their blood
as the sweetening agent used in this dish is dates .



Ingredients required

Dates.   350 gms
Almonds.  50 gms
walnuts  50 gms

pistachio. 50 gms
Figs  4 pieces

Cashews.  50 gms


Deseed all dates and cut into small pieces.In  a pan dry roast all the dry fruits for 1 or 2 minutes so as to remove moisture from these..Chop all the dry fruits into small piecesPlace  a non stick or thick bottemed pan on burner and put all the chopped dates and start stirring on slow flame 
these dates will start melting and turn into a sticky mass.Keep on stirring with some pressure to melt these evenly.
When thisi  is  done then add all the dry fruits into it and mix well.Try to mix all the ingredients and turn it into a sticky mass enough to turn into a crispy pieces after cooling.Grease a plate with ghee and spread the mixture on it.When cooled cut into desired shape.



I
chopped dry fruits


Sunday, July 26, 2015

france ki rajdhani paris


जिज्ञासा मानव प्रकृति हे। जिज्ञासा पूर्ती के प्रयास में ही मानव मन में यात्रा का शौक पैदा हुआ

विभिन्न स्थानों की यात्रा करने से जो जानकारी मिलाती हे वह पुस्तकों से नहीं मिल सकती है। कई बार हम अपने आस पास के स्थानों को देखने का अवसर भी नहीं मिलता है लेकिन हजारों मील दूर दुनिया घूमने के अवसर मिल जाते है। ऐसा मेरे साथ पिछले पंद्रह सालों में कई बार हुआ है। बच्चों से मिलने के बहाने अमेरिका और यूरोप के बहुत देशों का भ्रमण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
   इस बार पेरिस घूमने का अवसर मिला।करीब पचास साल पहले बॉलीवुड की एक पिक्चर बनी थी नाम था एन इवनिंग इन पेरिस.इस को देखने के लिए जाने वालों में पेरिस शहर को देखने के इछुक भी थे।

पेरिस फ्रांस देश की राजधानी है और फ्रांस का सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। पर्यटक भी यहाँ बहुत मिलेंगे।
यह शहर संस्कृति,फैशन ,स्थापत्य कला के लिए मशहूर हे।






पेरिस की एक गली 


शहर बहुत ही प्राचीन हे। यहाँ की पेरिस यूनिवर्सिटी यूरोप की पहली यूनिवर्सिटी है। यह शहर साइन  नदी के किनारे बसा हुआ है। साइन नदी के किनारे पर खड़े होने पर यह सोचने मजबूर  हो जाते हे की इंसान ने इस धरती  को संवारने के कैसे कैसे प्रयास किये हे.
प्रकृति ने इस स्थान पर साइन नदी बना कर छोड़ दिया था। लेकिन यहाँ के निवासियों के प्रयासों द्वारा  इसी नदी के किनारे पर भव्य इमारते बनाई गयी।  नदी पर पुल बना कर उसके दोनों और सड़क बनाई गयी। सड़क के नीचे मेट्रो ट्रैन चकई व्यवस्था की गयी। यह मेट्रो ट्रैन एक से अधिक लेवल पर चलती हे। और पेरिस के यातायात का प्रमुख अंग है्‌.

 सड़क के   नीचे दिन भर में अनगिनत बार मेट्रो ट्रैन गुजरती हे
नदी के किनारे बने हुए महल के नीचे बेसमेंट में संग्रहालय बना दिया गया।  . मेट्रो ट्रैन सीधे संग्रहालय के द्वार पर पहुंचा देती हे. इस संग्रहालय में पूरे विश्व के कलाकृतियां जो की हजारों में हे देखने को मिलेगी।
नोट्रे डैम यहाँ का कैथोलिक चर्च है। यह बारहवीं शताब्दी में बनना शुरू हुआ था। यह इमारत फ्रांस गोथिक स्थापत्यकला का अद्भुत नमूना है।इसको देखने के लिए हजारों. पर्यटक प्रतिदिन आते हे। चर्च के बाहर इन पर्यटकों के लिए इतना स्थान  हे की वे वहां खड़े हो कर अपनी बारी का इन्तजार कर सकते हे।

वैसे तो देखने के लिए अनगिनत स्थान हे कि समय काम ही पडेगा। लेकिन प्रमुख दर्शनीय स्थल में यहाँ का म्यूजियम

,एफ्फेल टावर ,नोट्रे डेम एवं वर्सेलस के महल है.
                                                                           

एफिल टावर 
एफिल टावर विश्व की ऊंची इमारतों में से एक है।
यह तीन मंजिल की है और एक हजार फ़ीट से भी अधिक ऊंची है। इस इमारत को देखने पूरे विश्व से पर्यटक आते है।

पुराने शहर की हर इमारत स्थापत्य कला का नमूना पेश करती हुयी नजर आती है।


                                                                 

                                                साइन नदी के किनारे पर साइकिल रिक्शा


पेरिस में या ऐसा कहें की यूरोप में बाइसिकल बहुत ही लोकप्रिय हे। पेरिस में तो  साइन नदी के किनारे पर साइकिल रिक्शा भी मिल जाएगी जिसमे बैठ कर पर्यटक नदी पर बने पुल की सैर करते हे।






Friday, May 1, 2015

Thar desert
















विश्व के कुछ हिस्से में पानी अर्थात समुद्र हे और कुछ में धरती ।लेकिन धरती के कुछ हिस्से में भी कुछ जगह में मरुभूमि हे जैसे की सहारा का रेगिस्तान ,थार का रेगिस्तान।
कहा जाता हे की जब भगवान् राम ने समुद्र पर क्रोधित हो  कर के बाण चलाया था तो वह  उस स्थान पर गिरा था जहाँ पर से सारा पानी सूख गया था और वहाँ अभी थार का रेगिस्तान हे | यह भारत के पश्चिम में हे |इसकी सीमा पकिस्तान से मिलती हे सीमित बारिश एवं उच्च तापमान के कारण यहाँ की जीवन शैली बहुत ही कठिनाइयों से भरी होती हे







यहाँ के निवासी कम पानी में जिंदगी बसर करना अच्छी तरह से जानते हे |आज भी गांवों में पानी के लिए मीलों दूर जाना पड़ता हे |
इस के प्रमुख शहरों में जोधपुर,जैसलमेर एवं बीकानेर हे |

जोधपुर शहर को राव जोधाजी ने बसाया था

जोधपुर शहर पर्यटकों  का प्रमुख आकर्षण हे |राजस्थान किलों का और वीरों के इतिहास की भूमि हे |
जोधपुर का किला भी दर्शकों पर  अपनी अमिट छाप छोड़ता हे |एक पहाड़ी पर बसा हुआ हे |
इस किले के बनाने के साथ एक किंवदंती जुडी हे |इस पहाड़ी पर एक साधू तपस्या कर रहे थे |
राव जोधा के मजदूरों ने इनकी तपस्या भंग करने की कोशिश की |साधू ने क्रोधित हो कर शाप दे दिया की इस शहर में
हर तीसरे वर्ष अकाल पड़ेगा |कम बारिश होने की वजह से साधू की भविष्यवाणी सच होती रही हे |यहाँ पर साल में अधिक दिनों तक सूर्या देवता के दर्शन होने के कारण इसे सूर्यनगरी  के नाम से भी जाना जाता हे |
ummaid       भवन  palace जो अकाल पीड़ितों को राहत देने के लिए बनवाया गया था दर्शनीय स्थलों में से एक हे |जोधपुर में ही  पाए जाने वाले पत्थर से बना हुआ यह भवन बहुत ही सुंदर हे |
थार का मरुस्थल की वनस्पति भी अलग प्रकार की हे ।आधुनिक युग में तो कृषि वैज्ञानिको द्वारा किये गए शोध के कारण कुछ सब्जी एवं फल की खेती यहाँ पर भी होने लगी हे ।
पहले तो यहाँ के लोग आयातित वस्तुओं पर ही निर्भर करते थे ।
यहाँ की वनस्पति गवार बहुत ही उपयोगी हे ।गवार गम के नाम से     इसका निर्यात होता हे ।
गवार की खेती यहाँ बहुतायत से होती हे ।
केर भी यहाँ पर बहुतायत में उगते हे जिसकी मेडिसिनल वालू हे ।मधुमेह की बीमारी में उपयोगी हे ।
थोडा पश्चिम में जाते ही जैसलमेर हे जो अपने रेत
के टीलों के कारण विश्व भर में प्रसिद्ध हे ।यह शहर राव जैसल द्वारा

बसाया गया था ।किले के भीतर ही शहर के निवासी रहते हे ।

दुनिया के हर कोने से पर्यटक यहाँ पर आते हे इनका आनंद उठाने के लिए ।

यहाँ का पत्थर सुनहरे रंग का होता हे ।रेत और पत्थर दोनों ही सुनहर रंग के होने के कारण इस शहर को स्वर्ण नगरी के

नाम से जाना जाता हे ।इस पत्थर पर की गयी नक्काशी बहुत ही सुन्दर हे जो यहाँ के पुरानी इमारतों में देखने को मिलेगी ।व्यापारियों द्वारा बनवाई हुई हवेलियाँ हे जो अब पर्यटकों को अपनी और खींचती हे ।
जैन मंदिर जो की संगमरमर से बने हुए हे उनकी कला भी देखते ही बनती हे।
राव जोधा के बड़े पुत्र थे राव बीकाजी और इन्होने ही बीकानेर शहर बसाया था इस शहर का नाम दो शब्द यानि की
बिक और नेर से बना हे कहा जाता हे की इस भूमि जहाँ यह शहर बसाया गया उसका मालिक कोई नेरा नाम का व्यक्ति
था और उसने इस शर्त पर यह जमीन बीकाजी को दी थी की शहर का नाम उसके नाम पर रखा जाय

उसका नाम नेहरा था और इस तरह बिक और नेहरा की संधि से शहर का नाम बीकानेर रखा गया



Monday, April 27, 2015

Peethala(gluten free)

Many North Indian dishes are made by using besan as ingredient.This peethala is also made with besan and vegetables.This is a quick recipe.
















ingredients

1 cup besan
2 1/2 cup  water
1 cup finely chopped vegetables( cauliflower flower,cabbage,potatoes beans and carrots)
1/2 cup green peas
1 teaspoon salt
1/2 teaspoon red chilli powder
1/4 teaspoon turmeric powder
2 tab spoon finely chopped green coriander and mint leaves
1 tabspoon chopped ginger
2 tabspoon fresh lemon juice
1 teaspoon jeera
1 teaspoon mustard seeds
A pinch of hing
1/4 teaspoon garam masala
3tabspoon oil

In a bowl make a batter of besan with water .Add salt,chilli powder,and chopped vegetables
In a thick bottomed pan pour oil and heat then add hing ,jeera,mustard seeds.When mustard seeds starts spluttering then pour the batter and stirr so as to avoid forming lumps.Add peas.
When it gets cooked then it will take a thick consistency. This will take 8 to 10 minutes.
Now add lemon juice,garam masala,ginger and chopped coriander.
Stir well and switch off the burner.Let it cool for 5 minutes and peethala is ready to serve.
This can be eaten with roti or paratha or as it is .
Good for those who have diabetes and those also having glutten  allergy.