Thursday, June 15, 2017

Fresh veg salad

कभी कभी लगता हे की एक ही व्यंजन बना कर डिनर कर लिया जाये क्योंकि लंच बहुत ही विविधता पूर्ण था।
लेकिन समझ में नहीं आता की क्या बनाया जाय। ऐसे समय में यदि हमें सलाद याद आ जाए तो अच्छा होता हे।


                                                     


आज जो सलाद बता रहे हे उसकी सामग्री आसानी से मिल जायेगी।
छोटे छोटे आलू
छोटे टमाटर यानि की चेरी टोमैटोज़
( यदि चेरी टमाटर नहीं हे तो साधारण टमाटर)
एक ख़ीरा ककडी
ग्रांटेड परमेज़ॉन चीज
लेटुस के पत्ते
अखरोट काजू या पीकान
तरबूज के बीज रोस्टेड

ड्रेसिंग के लिए सामग्री

ओलिव आयल
नीम्बू का रस


आलू को नरम होने तक नमक के पानी में उबाल लीजिये। आलू को दो या तीन टुकड़ों में काट दीजिये।
टमाटर को पानी से धो कर पोंछ लीजिये। ककडी को छील कर बारीक टुकड़ों में काट लीजिए
लेटुस के पत्तों को छोटे टुकड़ों में काट लीजिये। एक बड़े प्याले में यह सब डाल दीजिये।
इसमें चीज एवं काजू पीकान के टुकड़े मिला दीजीए। तरबूज के बीज भी मिला दीजिये।
एक प्याले में नीम्बू का रस एवं ऑलिव आयल को अच्छे से मिला कर सलाद में मिला दीजिये।
काली मिर्च पीसी हुयी डालिये।
बस सलाद तैयार हे।


Monday, June 5, 2017

Chamonix. Alps ke beech me

दुनिया को देखने की उत्सुकता हर व्यक्ति को होती हे। अपने अपने सीमित साधनो में हम सब अपनी पर्यटन की इच्छा की पूर्ती करते हे। विश्व में बहुत जगह घूमने का सौभाग्य मिल रहा हे। इस बार यूरोप में कई स्थानों पर जाने का अवसर मिला हे। हर स्थान अपने आप में विशिष्ट लगता हे। इस बार आल्प्स पर्वत पर जाने का मौका मिला। शामोनी के नाम से यह जगह प्रसिद्द हे. तीन देशों से अर्थात फ्रांस ,इटली एवं स्विट्ज़रलैंड घिरा हुआ यह स्थान पर्यटन का प्रमुख आकर्षण हे।हम ब्रुसेल्स एयरपोर्ट से Geneva जेनेवा एयरपोर्ट पहुँचे। वहां से करीब १०० मील की दूरी पर शमोनी है। हमने यहां से एक टैक्सी ली।और निकल गए शामोनी के लिए। पूरे रास्ते में सड़क के बायीं और बर्फ से ढकी हुयी आल्प्स पर्वत श्रेणी और दाई औरहरियाली। समझ में नहीं आ रहा था की इन खूबसूरत दृश्यों को कैमरे में कैद  किया जाये या मस्तिष्क की हार्ड डिस्क में।कोशिश यही थी की दोनों जगह सेव करना चाहिए। बीच बीच में पहाड़ी सुरंगों के नीचे से हमारी टैक्सी गुजराती तो कभी पुलिया के ऊपर से। सवा घंटे की इस रमणीक यात्रा के बाद हम  शमोनी पहुंचे.हमारी ठहरने के लिए एक अपार्टमेंट बुक किया हुआ था। टैक्सी रुकते ही मेने अपने आपको बर्फ से घिरे हुए पहाड़ों के बीच पाया।

                                                     




अपार्टमेंट की बालकनी से दृश्य 

अपार्टमेंट में सामान रखने के बाद जब चारो और दृष्टि डाली तो एक रोमांचक अनुभव हुआ. विशवास नहीं हुआ की ऐसा सूंदर दृश्य घर में ही बैठ कर भी देख सकते हे क्या?










                                       सूर्यास्त के समय बर्फ से ढके पहाड़ों का दृश्य
                                 
पूरा  इलाका सैलानियों से भरा हुआ। वहां के रहने वालों का गुजारा भी सैलानियों के कारन से हो रहा हे। मुझे लगा की











Bb
                                         

                                 badal barf se athkheliyan karate hue

शायद गर्मी की वजह से यहाँ अभी सैलानी हे लेकिन सर्दी में तो यह जगह सुनसान हो जाती होगी। लेकिन ऐसा नहीं हे।     सर्दियों में बर्फ अधिक होने से स्कीईंग करने वालों की संख्या बढ़ जाती हे।
यानि की इस जगह पर बारह महीने रौनक रहती हे.पूरे  टाउन में  रेस्टोरेंट एवं रेंटल अपार्टमेंट हे.. यह रेंटल अपार्टमेंट सब सुविधाओं के साथ मिलते हे यानि की फर्निश्ड एवं रसोई के उपकरण ताकि अपने सामान खरीद कर पसंद का खाना बना कर संतुष्ट हो सकें। खास कर के जो सैलानी बच्चों के साथ जाते हे उनके लिए यह बहुत ही सुविधा जनक हे। . आश्चर्य हुआ जब हमने वहां पर भारतीय रेस्टॉरेंट अन्नपूर्णा देखा।

वहां पर हमने शुद्ध शाकाहारी भोजन का आनंद उठाया.   हीं पर एक ग्लेशियर हे जिसे देखने के लिए एक ट्रैन के द्वारा जाना पड़ता हे। यह ट्रैन लगभग दो किलोमीटर की दूरी

बीस मिनट में तय कराती हुई धीरे धीरे हमें बर्फ से घिरे पहाड़ पर ऊपर की और ले गयी.इस ट्रैन की लाइन १९०९ में बन कर तैयार हो गयी थी। लाल रंग की यह ट्रैन बर्फ और जंगल के बीच में होती हुयी आपको फ्रांस के सबसे ऊंचे ग्लेशियर तक पहुंचाती हे.कहा जाता हे की कुछ समय से इस ग्लेशियर की ऊंचाई काम होती जा रही हे।
अर्थात बर्फ पिघलती जा रही हे।
यहाँ पर डिजिटल डिस्प्ले की सहायता से ग्लेशियर का इतिहास एवं उसके बनने की प्रक्रिया दिखाई गयी हे हे जिससे इस ग्लेशियर के बारे में जानकारी मिलती हे. इसको हम म्यूजियम नहीं कह कर GLACIORUM कहते हे. यही पर धातु का एक टुकड़ा संरक्षित हे जिस पर एयर इंडिया लिखा हुआ हे। १९६६ में एयर इंडिया का विमान मुंबई से पेरिस जाते समय मोंटे ब्लैंक में क्रैश हो गया था। उस विमान के मलबे में से यह मिला था। इस विमान के १०० से भी अधिक सवार यात्री

मारे गए थे. जिसमे हमारे देश के जाने माने वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा भी थे..
यहींसे एक केबल लिफ्ट से नीचे जाने पर मानव निर्मित बर्फ की गुफा हे.इस गुफा को प्रति वर्ष तराशा जाता हे। केबल लिफ्ट से उतर कर करीब ४०० सीढ़ियां उतरने पर हम गुफा के द्वार पर पहुंचते हे।यहाँ पर हमें १९ वी सदी के आरम्भ में पहाड़ों पर रहने वाले लोगों के जीवन के बारे में जानकारी मिलती हे।






Tuesday, August 23, 2016

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Saturday, July 23, 2016

Roasted rice crispies (gluten free snack)

                                   Roasted chivda






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Ingredients


2 cup.       Rice crispie or thin poha




1/2 cup.     Roasted peanuts

1/2 cup.      Roasted.  Chana dal
1/4. Cup.     Cashews
1/4. Cup.     Resins
2 tabspoon.  oil
1 tab spoon.   Mustard seeds
1 tab spoon.    White sesame seeds
1/4.                  Tea spoon.    Asafetida powder

15.                   Fresh curry leaves
3 or 4.              Green chillies

1/2.                  Teaspoon.  Turmeric powder
1 teaspoon.       Salt
1/2.   Teaspoon.   Sugar powder

1      Teaspoon.   Chat masala. or lemon juice





Check and clean  poha and roast it in oven or in a pan over burner so as to remove the moisture and let it become crisp.   Cut the chillies in half inch pieces .In a thick bottom kadahi pour oil and heat .
Add mustard seeds and sesame seeds and stir till the mustard seeds start cracking. Add chilli pieces and curry leaves. Now add turmeric powder and poha or rice crispies.Start stirring and add peanuts,chana dal,cashews and resins.Mix well and add salt,sugar and chat masala.Pour lemon juice and stir so as to evaporate the moisture of juice and giving the mixture a lemony flavor.
Switch off the flame and let it cool.
This is a healthy gluten free snack.



Tips
1
As for asoefatida powder for gluten free always buy crystal and grind in a powder.
The powdered asoefatida is not gluten free.
2.   Indian grocery stores do have thin poha but other stores one can buy rice crispies which are a good alternative of poha.
3.  One can add any nuts of your liking .




Wednesday, July 20, 2016

Durbuy (iSCON. Temple in Belgium)














हम हिन्दुस्तानी कहीं भी विदेश में जाते हे हमारे देश को और हमारी संस्कृति को नहीं भूल पते हे। कुछ भी देश जैसा दिखता हे तो बच्चे की तरह उत्साह से सबको दिखाने की कोशिश करते हे।  यदिअकेले घूम रहे हे तो उस दृश्य को कैमरे में लेने की कोशिश करते हे। ऐसा ही मेरे साथ हुआ जब में यूरोप में घूम रही थी। जी हाँ बेल्जियम के पास दरबाय में.यह टाउन बेल्जियम देश के लक्सेम्बुर्ग प्रान्त में हे
यह जगह दुनिया के छोटे से छोटे टाउन में गिना जाता हे. यह जगह आधुनिक चमक दमक और शोर शराबे से दूर हे.
पुराने घर और पत्थर से  बानी सड़क देख कर लगता हे की अभी तक आधुनिक साधन यहाँ नहीं पहुंचे हे. जो भी गाड़ियां दिख रही थी सब सैलानियों की ही थी। टाउन में गाडी ले जाना मना हे और ले जाने की सुविधा ही नहीं हे. छोटी छोटी घुमावदार गलियां जहाँ आप पैदल चल सकते हे।
प्रदूषण नहीं होने से सांस में ताजगी महसूस कर सकते हे.
यहाँ पर चॉकलेट्स जो की बिना मशीनों की सहायता से बनाई जाती हे। चलते चलते एक जगह लिखा हुआ पढ़ा की हस्तनिर्मित चॉकलेट। एक बार तो विश्वास ही नहीं हुआ की यह हिंदी  लिखा गया हे ?लेकिन फिर सोचा की शायद कोई चॉकलेट प्रेमी ने किसी से लिखवाया होगा कोई हिंदुस्तानी सैलानी या विदेशी सैलानी जिसने हिंदी सीखी हुयी हो











इस खिड़की के बांयी तरफ पीले रंग के पट्टी पर सबसे नीचे हिंदी में लिखा हुआ हे
हस्त निर्मित चॉकलेट 


आप इस चित्र में देखिये की कितनी सुन्दर लिखावट हे।


आगे चलने पर पता चला की यहाँ पर फलों से जैम भी बनाया जाता हे। आप चाहे तो जैम बनने की प्रक्रिया देख सकते हे और तरह तरह के जैम चखने का आनंद भी ले सकते हे. अपने प्रियजनों के लिए जैम उपहार में भी ले जा सकते हे।
इस टाउन में कुछ पार्क हे जहाँ वृक्षों की. कटाई बहुत ही आकर्षक ढंग से की हुयी हे।


विभिन्न जानवरों का अकार दे करपेड़ों को तराशा गया हे।इस कल को टपियरी कहा जाता हे और इस छोटे से टाउन में टपियरी के बड़े बड़े उद्यान हे।
 कुछ चट्टानों का आकार भी अद्भुत लगा। कुल मिला कर प्रकृति और मानव दोनों के ही प्रयासों से इस जगह की सुंदरता में चार चाँद लग  गए हे.






Sent from my iPad








 एक छोटी सी ट्रैन के द्वारा चट्टान के ऊपर जा कर आस पास का रमणीक नजारा देख सकते हे। और वहीँ पर ही जैम. एवं चॉकलेट बनते हुए देख सकते हे।

यही से कुछ ही दूरी पर इस्कॉन का मंदिर भी हे जिसे राधा देश के नाम से जाना जाता हे.
यह सेपटोंन के पास में बना हुआ हे । यहाँ पर भक्ति वेदांत विद्यालय भी हे जहाँ पर विद्यार्थियों को वैदिक धर्म की शिक्षा दीजाती हे। मुझे यह जान कर आश्चर्य हुआ की विद्यार्थी विदेशी हे।
इस मंदिर में कृष्णा की पूजा होती हे. हमने यहाँ पर शुध्ध शाकाहारी भोजन की थाली  का आनंद उठाया।





यहीं पर बेकरी उत्पाद भी खरीदे जो की बिना अंडे के बने हुए थे ?
मंदिर के सभी कार्यकर्ता हिंदुस्तानी वेशभूषा में और गले में तुलसी की माला पहने हुए थे. .
वैसे तो हमारे लिए यह एक आम बात हे लेकिन दुनिया के इस हिस्से  यूरोप में हमारी संस्कृति की तरफ इतना प्रेम और विश्वास देख कर दिल रोमांचित हो उठा.

Saturday, January 9, 2016

Curd rice or dahi chawal

After having heavy lunch or while we are travelling this dish is so soothing and convenient to make and serve.






















                     



                                                       


Ingredients

1 cup rice
3 cup milk
1/2 cup curd
2 teaspoon salt or according to taste
For seasoning

  2 Teaspoon mustard seeds
   2 teaspoon jeera (cummin seeds)
   2 teaspoon. Urad dal  (white without skin)
    4 pieces of dried red chilli
     2 tabspoon oil
     8 leaves of curry patta

Wash rice and drain extra water.In a pressure cooker pour 3 cup water and add rice and salt and stir well. Cover and cook till two whistles.After 10 minutes open the cooker .Transfer the rice in a bowl.Now add 2 and half cup of milk  and yogurt. Mix well .Now in a seasoning pan pour oil heat it and add all the seasoning ingredients.When these start spluttering pour over the rice and cover.After few minutes remove the cover and mix the seasoning.Cover the bowl and let it rest for 3. 1/2 hours in summer and 5 hrs in winter till the milk has converted into yogurt.
Curd rice is ready to serve.

Tips.

While travelling cook the rice before hand but mix the milk and curd at the start of journey.
By the time of dinner curd rice will be ready without turning sour.